डेंगू के डंक से परेशान हुआ हल्द्वानी, बेस और सुशीला तिवारी अस्पताल में बनाए गए स्पेशल वार्ड
हल्द्वानी. उत्तराखंड के नैनीताल जिले में डेंगू का कहर देखने को मिल रहा है. कुमाऊं के सबसे बड़े शहर हल्द्वानी में अभी तक डेंगू के दर्जनों मामले सामने आ चुके हैं. हल्द्वानी के दमुवाढूंगा क्षेत्र में डेंगू से सबसे ज्यादा लोग प्रभावित हैं. डेंगू के मरीजों के लिए हल्द्वानी के बेस अस्पताल और राजकीय सुशीला तिवारी अस्पताल में अलग-अलग वार्ड बनाए गए हैं. डेंगू से बचाव के लिए जहां नगर निगम फॉगिंग करा रहा है, तो वहीं स्वास्थ्य विभाग मरीजों के इलाज में जरा भी कोताही न बरतने का दावा कर रहा है.
हल्द्वानी में वर्तमान में 100 से ज्यादा डेंगू के मरीज सरकारी अस्पतालों में भर्ती हैं. निजी अस्पताल में भी डेंगू के दर्जनों मामले सामने आ चुके हैं. शहर में लगातार स्वास्थ्य विभाग द्वारा डेंगू से बचने के लिए जिला प्रशासन की ओर से नुक्कड़ नाटक के जरिए भी डेंगू से बचने के लिए लोगों से अपील की जा रही है. साथ ही घरों के आसपास साफ-सफाई और घर को स्वच्छ रखने के लिए लगातार नगर निगम पहल कर रहा है.
डेंगू मरीजों के लिए कहां-कहां बनाए गए वार्ड?
डेंगू के उपचार के लिए कुमाऊं के सबसे बड़े अस्पताल सुशीला तिवारी और सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल में डेंगू वार्ड बनाए गए हैं, जिसमें सुशीला तिवारी अस्पताल में 50 से 60 बेड का वार्ड बनाया गया है, तो वहीं सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल में भी 30 से अधिक संख्या वाला डेंगू वार्ड तैयार किया गया है, जिसमें दर्जनों डेंगू मरीजों का उपचार चल रहा है.
हल्द्वानी की हर गली-मोहल्ले में फॉगिंग
हल्द्वानी नगर निगम के आयुक्त पंकज उपाध्याय ने बताया कि हल्द्वानी शहर में फॉगिंग अभियान जारी है और लगातार हर गली-मोहल्ले में डेंगू-मलेरिया से बचाव के लिए फॉगिंग कराई जा रही है. उन्होंने बताया कि कीटनाशक के छिड़काव के लिए हल्द्वानी शहर का रोस्टर चार्ट बनाकर बारी-बारी से फॉगिंग की जा रही है. शहर की हर कॉलोनी में डेंगू की रोकथाम के लिए फॉगिंग अभियान लगातार जारी रहेगा.
डेंगू से बचाव
मादा एडीज इजिप्टी मच्छर के काटने से डेंगू होता है. डेंगू से बचने के लिए आपको इसके मच्छरों को अपने घरों के आसपास पनपने नहीं देना होगा. पानी जमा न होने दें. कूलर आदि का पानी बदलते रहें. फुल बाजू के कपड़े पहनें और मच्छर मारने वाली कॉइल, लिक्विड या फिर मच्छरदानी का इस्तेमाल करें.