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March 23, 2026

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नैनीताल हाईकोर्ट का जवाब फ्लैट्स ग्राउंड पर पाबंदी बिल्कुल नहीं! खेल होने चाहिए एक अच्छे भविष्य के लिए!

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उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय ने नैनीताल के फ्लैट्स मैदान पर खेल विभाग द्वारा आधिपत्य जमाकर स्थानीय खिलाड़ियों और खेल प्रतियोगिताओं को प्रतिबंधित करने संबंधी जनहित याचिका में कहा कि फिलहाल स्थानीय टूर्नामेंट जैसे फुटबाल का लैंडो लीग कराया जाए चाहे कोई भी संस्था इसे कराए।मामले की सुनवाई के बाद मुख्य न्यायधीश जी.नरेंद्र और न्यायमूर्ती आलोक मेहरा की खण्डपीठ ने यह भी कहा कि स्थानीय लोगों को मैदान में आने जाने, बच्चों और युवाओं को मैच की प्रैक्टिस व सवेरे जॉगिंग करने पर खेल विभाग कोई पांबदी न लगाएं। खेल विभाग खेल के अनुसार ही ट्रेक का निर्माण करे।

न्यायालय ने यह भी कहा कि शारीरिक व्यायाम स्वस्थ्य जीवन के लिए अच्छा है, चाहे व्यक्ति किसी उम्र का भी हो। यही नैनीताल में स्वस्थ रहने का एकमात्र साधन है। अगर इसे स्थानीय लोगो के लिए बंद किया जाता है तो लोग सड़क पर वांक करेंगे जिसका उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

न्यायालय ने सुनवाई के दौरान कहा कि खेल सभी धार्मिक या राजनैतिक कार्यों से पहले आता है, इसलिए खेल विभाग, नगर पालिका, राज्य सरकार आपसी बैठकर इस पर निर्णय ले की किस खेल को कब कराना है। न्यायालय ने इसकी रिपोर्ट पेश करने को कहा।
मामले के अनुसार, अधिवक्ता उन्नति पंत ने जनहित याचिका दायर कर कहा कि जब से डी.एस.ए.मैदान खेल विभाग को गया है, तब से इस मैदान में स्थानीय लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।

साथ ही, स्थानीय टूर्नामेंट कराने पर भी रोक लगा दी गई है, जबकि इस मैदान में साल में 18 टूर्नामेंट होते हैं। खेल विभाग ने सभी को रद्द करते हुए केवल 4 को ही अनुमति दी है। जनहित याचिका में कहा गया कि स्थानीय लोगों और बच्चों को प्रैक्टिस करने की अनुमति दी जाय। लैंडो लीग कराने की अनुमति दी जाय।

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