उत्तरकाशी के धराली में बादल फटने से आई बाढ़, चार की मौत, 70 लोग लापता

: उत्तरकाशी के धराली गांव मंगलवार दोपहर बादल फटने से खीरगंगा में बाढ़ आ गई। बाढ़ ने निचले इलाके में भारी तबाही मचाई। यहां कई होटल और घर मलबे में दब गए और कई लोग लापता हैं।
70 लोग लापता
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में धराली गांव में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। ऊंचाई वाले इलाके में बादल फटा, जिससे खीरगंगा नदी में सैलाब आ गया। पहाड़ से तेजी के साथ नीचे उतरा पानी अपने साथहोटल, घर और होम स्टे को बहा ले गया। धराली का मुख्य बाजार पूरी तरह तबाह हो गया है। प्रसिद्ध कल्प मंदिर भी मलबे में बह गया है। चार लोगों की मौत हुई है और 70 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इसके कुछ देर बाद सुखी टॉप पर भी बादल फटने की घटना सामने आई, लेकिन उसमें किसी तरह के नुकसान की अभी जानकारी नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बात कर स्थिति की जानकारी ली है और हरसंभव मदद का भरोसा दिया है।
30 होटलों और दुकानों को नुकसान
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं ने बताया की राहत बचाव में लगी टीमों ने धराली गांव से 60 लोगों को सुरक्षित कोपांग आईटीबीपी कैंप और 50 को गंगोत्री पहुंचाया है। साथ ही घटना में चार लोगों की मौत, 30 लापता हैं। वहीं 30 होटलों और दुकानों को नुकसान हुआ है।
मदद के लिए सेना के हेलिकॉप्टर तैयार
उत्तरकाशी जिले में राहत कार्यों के लिए भारतीय वायु सेना के चिनूक एमआई-17 वी5, चीता और एएलएच हेलीकॉप्टर चंडीगढ़ एयरबेस पर सक्रिय रूप से तैयार हैं। हेलीकॉप्टर आवश्यक उपकरणों और सामग्रियों के साथ तैयार हैं और राहत कार्य शुरू होते ही उड़ान भरेंगे।
राहत बचाव दल के लोगों से फोन पर जानकारी ली
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ग्राउंड जीरो पर तैनात राहत बचाव दल के लोगों से फोन पर जानकारी ली। इसके साथ ही आवश्यक निर्देश दिए।
मॉनीटरिंग के लिए तीन पुलिस अधिकारियों की तैनाती
उत्तरकाशी में बादल फटने की घटना के मद्देनजर उत्तराखंड सरकार ने आपदा प्रभावित क्षेत्र में राहत एवं बचाव कार्यों में जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से उत्तरकाशी जिले में तीन पुलिस अधिकारियों की तैनाती की है।
सेना के जवान भी लापता
निचले हर्षिल क्षेत्र में एक शिविर से 8-10 भारतीय सेना के जवान लापता बताए जा रहे हैं। इस घटना में अपने साथ के लोगों के लापता होने के बावजूद, भारतीय सेना के जवान राहत कार्यों में लगे हुए हैं।