हल्द्वानी:रेरा के खिलाफ सड़क पर किसान,रेरा के क्या है नियम पढ़े-

जिला विकास प्राधिकरण पर रेरा की आड़ में छोटी जोत के किसानों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए किसानों ने मंडी गेट से ट्रैक्टर रैली निकाली जिसे पुलिस और प्रशासन ने बमुश्किल रोका।

इससे नाराज होकर किसानों ने बरेली रोड हाईवे जाम कर दिया। दो घंटे बाद किसानों ने फिर आगे बढ़ने का प्रयाश किया लेकिन पुलिस द्वारा उन्हें रोक दिया गया । इस बीच कई बार आपस मे तीखी बहस भी हुई। परंतु बाद में किसानों ने मंडी गेट के पास टैंट लगाकर धरना देना प्रारम्भ कर दिया।

वहीं दोपहर बाद नगर आयुक्त और सिटी मजिस्ट्रेट के आश्वासन के बाद किसानों ने रविवार को बैठक होने तक धरना स्थगित कर दिया है । इस बीच पांच घंटे तक हाईवे जाम रहने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा स्कूल बसें ,राहगीर सभी परेशान रहे।
किसान रैली में पहुंचे विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि प्रधानमंत्री कहते हैं कि आत्मनिर्भर बनो, प्रदेश सरकार कहती है रोजगार को बढ़ावा देते हुए सबका साथ सबका विकास चाहते हैं, लेकिन अचानक तुगलकी फरमान जारी कर दिया जाता है। केंद्र की गलत नीतियों के कारण वैसे ही खेती खत्म हो रही है। सरकार को किसानों के हित में फैसला लेना चाहिए। सभा को कांग्रेस नेता महेश शर्मा ने भी संबोधित किया।
क्या है रेरा पढ़े-
रेरा (रियल एस्टेट रेग्युलेटरी अथॉरिटी) की स्थापना रियल एस्टेट (रेग्युलेशन ऐंड डेवलपमेंट) अधिनियम, 2016 के तहत की गई थी, जिसका उद्देश्य रियल एस्टेट क्षेत्र को विनियमित (रेग्युलेट) करना और घर खरीदारों की समस्याओं का समाधान करना था। इसके उद्देश्य इस प्रकार हैं:-
*आवंटियों के हितों की रक्षा और उनकी जिम्मेदारी सुनिश्चित करना।
*पारदर्शिता सुनिश्चित करना और धोखाधड़ी के मामलों को घटाना
*पूरे भारत में मानकीकरण को लागू करना और व्यावसायिकता लाना।
*घर खरीदारों और विक्रेताओं के बीच सही जानकारी का प्रसार करना।
*बिल्डरों और निवेशकों दोनों पर अधिक से अधिक जिम्मेदारियां डालना।
*रियल एस्टेट सेक्टर की विश्वसनीयता बढ़ाने के साथ-साथ इस तरह निवेशकों के बीच विश्वास बढ़ाना।