एक्शन- हिमालयन कंस्ट्रक्शन कंपनी का लाइसेंस निलंबित
The post एक्शन- हिमालयन कंस्ट्रक्शन कंपनी का लाइसेंस निलंबित appeared first on Avikal Uttarakhand.
निर्माण कंपनी को टेंडर प्रक्रिया से किया ब्लैक लिस्ट
जांच का फैसला मान्य-रुचि भट्ट
स्कॉर डेप्थ का आकलन नहीं कराने पर कार्रवाई
जीपीआर और ईआरटी जांच के बाद ही आगे का फैसला
अविकल उत्तराखण्ड
देहरादून। तीन इंजीनियरों के निलंबन के बाद शासन ने निर्माण कंपनी को भी ब्लैक लिस्ट कर दिया है। प्रमुख अभियंता व विभागाध्यक्ष राजेश चंद्र ने शनिवार, आठ अगस्त को इस आशय के आदेश जारी किए।
देहरादून-हरबर्टपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-72 (ओल्ड) पर किलोमीटर 143 में टोंस नदी के ऊपर उत्तरांचल यूनिवर्सिटी के समीप क्षतिग्रस्त पुल के पुनर्निर्माण एवं सुधारीकरण कार्य में लापरवाही सामने आने के बाद लोक निर्माण विभाग ने संबंधित निर्माण कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की है।
विभाग ने प्राथमिक जांच में स्कॉर डेप्थ का आकलन नहीं कराए जाने को गंभीरता से लेते हुए मैसर्स हिमालयन कंस्ट्रक्शन, 250 सारथी विहार, देहरादून का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही अग्रिम आदेश तक कंपनी को उत्तराखंड में लोक निर्माण विभाग की निविदा प्रक्रिया में भाग लेने से प्रतिबंधित किया गया है।
विभाग के 8 अगस्त को जारी कार्यालय आदेश के मुताबिक, टोंस नदी पर क्षतिग्रस्त पुराने पुल के पुनर्निर्माण और सुधारीकरण का कार्य अनुबंध संख्या-36/SE-09/2025-26 के तहत 31 जनवरी 2026 से हिमालयन कंस्ट्रक्शन द्वारा कराया जा रहा था।
28 जुलाई 2026 की सुबह भारी वर्षा और फ्लैश फ्लड के कारण पुल की एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त हो गई।
जांच में सामने आया कि अपस्ट्रीम प्रोटेक्शन वॉल के नीचे भारी स्कॉरिंग होने से एप्रोच रोड को नुकसान पहुंचा।
प्राथमिक जांच में सामने आई तकनीकी खामी
28 जुलाई को ही शासन स्तर से मामले की प्राथमिक जांच के निर्देश दिए गए थे। मुख्य अभियंता स्तर से की गई प्राथमिक जांच की रिपोर्ट 3 अगस्त को शासन को भेजी गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि टोंस नदी में पुल की एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त होने का कारण हेवी स्कॉरिंग है। जांच में यह भी पाया गया कि कार्यस्थल पर स्कॉर डेप्थ का आकलन नहीं किया गया था।
जांच अधिकारी ने नदी में वास्तविक स्कॉर डेप्थ का पता लगाने के लिए ग्राउंड पेनेट्रेशन रडार (GPR) और इलेक्ट्रिकल रेजिस्टिविटी टेस्ट (ERT) कराने की आवश्यकता बताई है। विभाग का कहना है कि स्कॉर डेप्थ का वैज्ञानिक आकलन होने के बाद ही आगे की कार्रवाई और निर्माण संबंधी निर्णय लिया जाएगा।

देहरादून-हरबर्टपुर (राष्ट्रीय राजमार्ग सं० 72 (07)) मोटर मार्ग के किमी 143 में टोन्स नदी के ऊपर उत्तरांचल यूनिवर्सिटी के समीप क्षतिग्रस्त पूर्व निर्मित सेतु का पुनः निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य, अनुवन्ध संख्या-36/SE-09/2025-26 दिनांक 31.01.2026 के अन्तर्गत मै० हिमालयन कन्सट्रक्शन, 250 सारथी विहार, देहरादून द्वारा सम्पादित कराया जा रहा था। दिनांक 28.07.2026 की प्रातः भारी वर्षा एवं Flash Flood के कारण Upstream Protection Wall के नीचे Scouring होने से पुल की एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त हो गयी थी। सचिव, लोक निर्माण विभाग, उत्तराखण्ड शासन, देहरादून ने अपने पत्र संख्याः 1376/111 (1)/26-02(38) जांच / 2026-106427 दिनांक 28.07.2026 के द्वारा मुख्य अभियन्ता, क्षे०का० लोक निर्माण विभाग, देहरादून को विषयगत प्रकरण में प्राथमिक जांच करते हुये उत्तरदायित्व निर्धारित कर तथ्यों एवं अभिलेखीय साक्ष्यों सहित जांच आख्या शासन को उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया गया।
मुख्य अभियन्ता द्वारा विषयगत प्रकरण पर प्रारम्भिक जांच आख्या अपने पत्रांक-3719/9/276 (क्षे0का0) / 2026 दिनांक 03.08.2026 द्वारा शासन को प्रेषित की गयी। जिसमें यह तथ्य सामने आया है कि टोंस नदी पर सेतु की एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त होने का कारण Heavy Scouring है, इसके साथ जांच में यह भी अवगत कराया गया है कि कार्यस्थल में Scour depth का Assessment नहीं हो पाया है। जांच अधिकारी द्वारा यह सुझाव दिया गया है कि Ground Penetration Radar (GPR), Electrical Resistivity Test (ERT) कराये जाने की आवश्यकता है। अतः उक्तानुसार Scour Depth का Assessment होने तक मै० हिमालयन कन्सट्रक्शन, 250 सारथी विहार, देहरादून का पंजीकरण (पंजीकरण संख्या-A0001BR0725:AA EFH 0522J) तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है, साथ ही अग्रिम आदेशों तक लोक निर्माण विभाग, उत्तराखण्ड में निविदा प्रक्रिया में भाग लेने से प्रतिबंधित किया जाता है ।
(इं० राजेश चन् प्रमुख अभियन्ता एवं विभागाध्यक्ष
28 जुलाई की भारी बारिश ने खोली पोल
टोंस नदी पर पुल की एप्रोच रोड का क्षतिग्रस्त होना 28 जुलाई को हुई भारी बारिश और फ्लैश फ्लड के बाद सामने आया था। तेज बहाव के कारण पुल की अपस्ट्रीम प्रोटेक्शन वॉल के नीचे नदी के पानी से गहरी स्कॉरिंग हुई, जिससे एप्रोच रोड प्रभावित हो गई।
घटना के बाद लोक निर्माण विभाग ने मामले की प्राथमिक जांच कराई। शासन के निर्देश पर मुख्य अभियंता ने तथ्यों और अभिलेखीय साक्ष्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की। रिपोर्ट के आधार पर निर्माण कंपनी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।
जांच का फैसला मान्य-रुचि भट्ट
भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष रुचि भट्ट ने कहा कि कंपनी की एक हिस्सेदार वो भी हैं। सरकार ने मामले की तुरन्त जांच कराई है। रुचि भट्ट ने कहा कि जांच के बाद जो भी फैसला होगा,वह उन्हें मान्य होगा।
महिला मॉर्चस
प्रमुख तथ्य
कार्य के दौरान स्कॉर डेप्थ का आकलन नहीं कराया गया था।
अब GPR और ERT के जरिए नदी तल और स्कॉर डेप्थ की जांच कराई जाएगी।
Pls clik
टोंस नदी पर पुल क्षतिग्रस्त होने के मामले में तीन इंजीनियर निलंबित
The post एक्शन- हिमालयन कंस्ट्रक्शन कंपनी का लाइसेंस निलंबित appeared first on Avikal Uttarakhand.