सत्ता के सेमीफाइनल में सिर्फ बिष्ट पास, बाकि विधायक फेल; चुनाव के नतीजों ने माननीयों को दिखाया आईना

पंचायत चुनाव के नतीजों ने प्रत्याशियों के साथ राजनीतिक दिग्गजों को भी आईना दिखाया है। पंचायत चुनाव के जनादेश ने साफ कर दिया है कि जनता ने माननीयों का वह मान नहीं रखा जिसकी उन्हें उम्मीद थी।
पंचायत चुनाव के नतीजों ने प्रत्याशियों के साथ राजनीतिक दिग्गजों को भी आईना दिखाया है। राज्य की जनता का सियासी मूड बताने वाले इन चुनावों को विधानसभा चुनाव से पहले सेमीफाइनल के तौर पर देखा जा रहा था। ऐसे में विधायकों की साख भी दांव पर लगी थी। पंचायत चुनाव के जनादेश ने साफ कर दिया है कि जनता ने माननीयों का वह मान नहीं रखा जिसकी उन्हें उम्मीद थी। एकमात्र रामनगर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा विधायक पार्टी को जिला पंचायत की तीनों सीटें जिताने में कामयाब रहे हैं। अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा विधायक एक-एक सीट ही जिता पाए हैं। नैनीताल विधायक सरिता आर्या तो अपने क्षेत्र में खाता तक नहीं खोल पाई हैं।
निर्दलीयों से मात खा गए कैड़ा
भीमताल विधानसभा क्षेत्र में ओखलकांडा, धारी, रामगढ़ और भीमताल ब्लॉक शामिल हैं। ओखलकांडा की चार जिला पंचायत सीटों में से भाजपा केवल ढोलीगांव सीट ही जीत पाई है। ककोड़, बड़ौन व ओखलकांडा मल्ला में निर्दलीयों ने बाजी मारी है। धारी की तीन सीटों में से भाजपा ने सरना सीट जीती है। दीनी तल्ली और चौखुटा सीट पर निर्दलीय काबिज हुए। रामगढ़ ब्लॉक की गहना सीट पर भाजपा प्रत्याशी को विजय मिली है। दाड़िमा और सूपी से निर्दलीय जीते हैं। भीमताल की जंगलियागांव और अमृतपुर सीटें निर्दलीयों के कब्जे में आई हैं।
सरिता नहीं बचा पाई साख
भाजपा की विधायक सरिता आर्या अपने क्षेत्र में जिला पंचायत की एक भी सीट पर पार्टी का खाता नहीं खुलवा सकी हैं। चापड़, सिमलखां, भवाली, मेहरागांव और ज्योलीकोट सीट भाजपा से दूर रही हैं। इन सीटों पर निर्दलीय काबिज हुए हैं।